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Wednesday, May 30, 2018

पीएचडी क्या है (What is Phd in hindi)




 हर किसी का सपना होता है की ज्यादा से ज्यादा पढाई करके एक अच्छी और इमानदारी की जॉब करे और अपना नाम रोशन करे लेकिन अगर आप किसी भी चीज़ की पढाई करते है और उस में अपनी डिग्री पूरी करना चाहते हो तो आपको उस कोर्स की पूरी जानकारी होनी चाहिए की ये कोर्स क्या है इसे कैसे करे इसके लिए क्या क्या योग्यता होनी चाहिए इसमें आपको क्या क्या पढाया जाता है इत्यादि तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसे ही पोपुलर कोर्स के बारे में बताने वाले है जिसका नाम है पीएचडी , तो आखिर में पीएचडी क्या है पूरी जानकारी ? (What is PhD information in hindi) व्हाट इस पीएचडी इनफार्मेशन इन हिंदी, पीएचडी कैसे करे इसका फुल फॉर्म क्या है (How to do Ph.D in india) , पीएचडी की पढाई करने के लिए क्या योग्यता चाहिए (Eligibility Criteria for Ph.d) पीएचडी में कोनसा कोर्स चुने और इसमें क्या क्या पढाया जाता है ये कोर्स कितने साल का होता है और इसकी फीस कितनी है

Everyone in life has a dream to do a good and honest job by studying and illuminate your name, but if you study anything and want to complete your degree in it, It should be fully aware of what this course is, how to do it, what qualifications should be there, what is taught in it, etc. In today's article, There is such a thing about a popular course called Ph.D., then finally what is PhD?



पीएचडी एक बहोत ही पोपुलर कोर्स है जिसे करने के बाद आपके नाम के साथ डॉ (Dr) का टाइटल लग जाता है जो की बहोत गर्व की बात है लेकिन इस कोर्स की पढाई इतना आसान नहीं है इसके लिए आपको काफी मेहनत के साथ सब्र भी रखना होगा क्यों की इस डिग्री कोर्स को आप डायरेक्ट नहीं कर सकते इसके लिए आपको स्कूल कॉलेज पास करना होता है तभी आप इस पीएचडी (PhD) डिग्री कोर्स के लिए एलिजिबल होंगे तो चलिए जान लेते है क्या है पीएचडी डिग्री (PhD Degree) कोर्स कैसे करे (PhD Course information in hindi) इसके लिए क्या क्या एलिगिबिल्टी है

Ph.D. is a very popular course, after which you have the title of Dr. (Dr.) with your name, which is a matter of great pride, but the study of this course is not so easy, for this you have patience with a lot of hard work. Why you can not direct this degree course, you have to pass a school college, then you will be able to do this PhD degree course, so let's know what is the pH Mr. degree (PhD Degree) course how (PhD Course information in hindi) What is Eligibiltity??


पीएचडी क्या है पूरी जानकारी (What is Phd information in hindi)
पीएचडी का फुल फॉर्म क्या है (Full Form of Ph.D)
पीएचडी कैसे करे (How to Do Ph.D Degree Course)
 पीएचडी लिए योग्यता क्या चाहिए (Eligibility Criteria for Ph.d)
पीएचडी किस चीज़ के लिए होता है
पीएचडी कितने साल का होता है
पीएचडी की फीस कितनी होती है
पीएचडी करने के क्या क्या फायदे है


पीएचडी कोर्स क्या है पूरी जानकारी ? (What is PhD Course information in hindi)
पीएचडी (PhD) जिसका फुल फॉर्म है डॉक्टर ऑफ़ फिलोसोफी (Doctor of Philosophy) जिसे हम शोर्ट और सिंपल भाषा में Ph.D या फिर  PhD भी कहते है ये एक उच्च यानि हाईएस्ट डिग्री कोर्स है जो की पुरे तीन साल का होता है और इस कोर्स को पूरा करने के बाद यानि पीएचडी की डिग्री पूरी करने के बाद आपके नाम के आगे डॉ (Dr.) लगाया जाता है ये एक डाक्टरल डिग्री (Doctoral Degree) है अगर आपको किसी कॉलेज में एक प्रोफेसर या लेक्चरर बनना है तो ऐसे में आपके पास ये डिग्री होनी चाहिए तभी आप एक प्रोफेसर बन सकते है या फिर आप चाहे तो रिसर्च या फिर एनालिसिस भी कर सकते है अपने सब्जेक्ट में  इस कोर्स को करने के बाद आपके पास किसी भी एक सब्जेक्ट का भरपूर ज्ञान होगा  यानि आप एक एक्सपर्ट कहलायेंगे लेकिन पीएचडी करने से पहले आपको किसी भी सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री पूरी करनी होगी जिसमे भी आपका इंटरेस्ट हो और उस कोर्स को अच्छे से ज्यादा मार्क्स लाये

पीएचडी कोर्स करने से पहले आपको ये बाते ध्यान में रखनी है जिस भी सब्जेक्ट में आपको इंटरेस्ट हो या जो भी सब्जेक्ट में आपने 12th पास की है उसी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन पूरी करे साथ ही मास्टर डिग्री भी उसी सब्जेक्ट में पूरी करे ताकि आपको पीएचडी (Phd) में किसी भी तरह की प्रॉब्लम न हो अगर आप शुरू से एक ही सब्जेक्ट में  इंटरेस्ट लेते है तो पीएचडी में आपको काफी मदद मिलेगी
पीएचडी लिए योग्यता क्या चाहिए (Eligibility Criteria for Ph.d  Degree Course)

आपकी ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए
मास्टर डिग्री पूरी होनी चाहिए
कम से कम 55% या 60% मार्क्स चाहिए एंट्रेंस एग्जाम के लिए ये परसेंटेज कुछ कॉलेज में अलग अलग होती है

पीएचडी कोर्स करने के फायदे (Advantage of Phd Course in hindi)

पीएचडी (Phd) उच्च यानि हाईएस्ट डिग्री कोर्स है
पीएचडी करने के बाद आप अपने फील्ड में एक्सपर्ट कहलायेंगे
पीएचडी करने के बाद आप किसी भी कॉलेज में एक प्रोफेसर बन सकते है
पीएचडी करने के बाद आप रिसर्च या एनालिसिस कर सकते है
पीएचडी करने के बाद आपने नाम के डॉ (Dr) लग जाता है
पीएचडी करने के बाद किसी भी पोजीशन के लिए जॉब में अप्लाई कर सकते है
पीएचडी करने वाले को हम क्रिएटर ऑफ़ इनफार्मेशन भी कहते है
पीएचडी करने के बाद आपको अपने फील्ड में सब कुछ ज्ञान होजायेगा की क्या सही है और क्या गलत है

पीएचडी (PhD) कैसे करे पूरी जानकारी
 1. 12th पास करे
किसी भी सब्जेक्ट में डिग्री करना हो तो इसके लिए सबसे पहले आपको 12वी पास करना ही होगा इसी तरह अगर आपको पीएचडी 10th पास करने के बाद12वी पासकरना है तो इसके लिए आपको 12वी पास करना होगा अब जिस भी सब्जेक्ट में आपको रुची है उसी सब्जेक्ट को चुने 11th में और उसी सब्जेक्ट से करे ताकि आपको आगे जाके फायदा हो और कोसिस करे की 12वी में अच्छे मार्क्स से पास करे और कम से कम 60% मार्क्स लाये
 2. ग्रेजुएशन के लिए अप्लाई करे और पढाई पूरी करे
जैसे ही आप 12वी पास करलेते हो इसके बाद आपका जो भी सब्जेक्ट या फील्ड फेवरेट है यानि जिस भी कोर्स के लिए आप पढाई करना चाहते है उसके लिए एंट्रेंस एग्जाम दे और एग्जाम क्लियर करके अपने ग्रेजुएशन डिग्री की पढाई पूरी करे जिस भी फील्ड में एक्सपर्ट बनना चाहते है उस सब्जेक्ट को अच्छे से पढ़े और ज्यादा से ज्यादा मार्क्स लाये आगे जाके आपको फायदा होगा

 3. मास्टर डिग्री की पढाई पूरी करे
जैसे ही आप अपनी ग्रेजुएशन पूरी करलेते है इसके बाद अब आपको पोस्ट ग्रेजुएशन यानि मास्टर डिग्री के लिए अप्लाई करना होगा ध्यान रहे जिस फिल्ड या सब्जेक्ट में आपने बैचलर डिग्री (Bachelor Degree) पूरी की है उसी सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री (Master Degree) पूरी कर तभी आपको Phd में फायदा होगा और कोसिस करे की मास्टर और बैचलर डिग्री में आपके कम से कम 60% मार्क्स हो ताकि आपको आगे एंट्रेंस एग्जाम के लिए कोई दिक्कत न हो

 4. UGC NET टेस्ट के लिए अप्लाई करे और क्लियर करे
जैसे ही आपकी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी हो जाती है तो आपके पीएचडी (Phd)   करने के लिए यूजीसी नेट (UGC NET) के एग्जाम देना होगा और इससे क्लियर करना होगा  पहले ये एग्जाम नहीं था लेकिन अब पीएचडी करने के लिए इस एग्जाम को क्लियर करना अनिवार्य करदिया गया है
 5. PhD के लिए एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करे
जैसे ही नेट एग्जाम क्लियर करलेते है इसके बाद आप पीएचडी (Phd) एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए योग्य तो अब आपको अपने हिसाब जिस  भी कॉलेज से आपको पीएचडी की पढाई करनी है उस कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम दे हर यूनिवर्सिटी (University) अपने अपने  एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करती है पीएचडी के लिए तो आपको इस एग्जाम को क्लियर करना होगा तभी आप आपको एडमिशन मिलेगा.
तो इस तरह आप पीएचडी की डिग्री हासिल कर   है और अपने फेवरेट सब्जेक्ट में और   ज्यादा ज्ञान पा सकते है अब बहोत से लोगो के मन में सवाल है की पीएचडी (Ph.d) के लिए कितना पैसे (Fees) लगती है और कोनसे कॉलेज से पीएचडी करना सही होगा  पीएचडी  कॉलेज की फीस और इसमें कितना खर्चा आएगा ये कोई फिक्स नहीं  है   हर कॉलेज की फीस अलग अलग होती है अगर आप प्राइवेट कॉलेज से पीएचडी  करते है तो आपको बहोत खर्चा आएगा गवर्मेंट कॉलेज के मुकाबले और    बात करे कॉलेज  की तो आप अपने स्टेट के हिसाब से कॉलेज चुने

Thursday, May 24, 2018

rgpv admit card 2018

Procedure to Download  Rgpv admit card 2018
1. Login with student id and password 
2. go to report
3. select admit card and print

Monday, May 14, 2018

why is the normalisation process necessary for a good database design ? discuss in detail the boyce-codd normal form with suitable example.

Normalisation process is necessary for a good database design .
Normlization is important for DBMS because It is a process of analysing the given relation schemas based on their Functional Dependencies (FDs) and primary key to achieve the properties
(1).Minimizing redundancy, (2). Minimizing insertion, deletion and update anomalies( अनियमितता).that could lead to a loss of data integrity. saves space by removing duplicate data.
If you go with a RDBMS, There are two goals of the normalization process: eliminating redundant data (for example, storing the same data in more than one table) and ensuring data dependencies make sense (only storing related data in a table). Both of these are worthy goals as they reduce the amount of space a database consumes and ensure that data is logically stored.

Database normalization, or data normalization, is a technique to organize the contents of the tables for transactional databases and data warehouses. Normalization is part of successful database design; without normalization, database systems can be inaccurate, slow, and inefficient, and they might not produce the data you expect



what is Stochastic process | Stochastic process definition in hindi

What is a stochastic process?


• A stochastic process is a mathematical model of a probabilistic
experiment that evolves in time and generates a sequence of numerical
values.


 Stochastic process definition in hindi - "अनेक संभावनाओं में से चुना हुआ"

एक स्टोकास्टिक प्रक्रिया एक संभाव्यता का गणितीय मॉडल है प्रयोग जो समय में विकसित होता है और संख्यात्मक अनुक्रम उत्पन्न करता है    

what is Stochastic  process |  Stochastic  process definition in hindi

 For example, a stochastic process can be used to model:

• the sequence of daily prices of a stock;
• the sequence of failure times of a machine;
• the sequence of hourly traffic loads at a node of a
communication network;
• the sequence of radar measurements of the position
of an airplane.
Each numerical value in the sequence is modeled by a random
variable, so a stochastic process is simply a (finite or infinite) sequence
of random variables and does not represent a major conceptual
departure from our basic framework.

 stochastic process - 
• Stochastic processes involve some change in emphasis over our
earlier models. In particular:
ü We tend to focus on the dependencies in the sequence of values
generated by the process. For example, how do future prices of a stock
depend on past values?
ü We are often interested in long-term averages, involving the entire
sequence of generated values. For example, what is the fraction of time
that a machine is idle?
ü We sometimes wish to characterize the likelihood or frequency of
certain boundary events. For example, what is the probability that
within a given hour all circuits of some telephone system become
simultaneously busy, or what is the frequency with which some buffer
in a computer network overflows with data?
In this chapter, we first consider the case where arrivals occur in
discrete time and the inter-arrival times are geometrically distributed –
this is the Bernoulli process.


 Stochastic process explaination in hindi -

एक क्षेत्र की सतह पर एक वीनर या ब्राउनियन गति प्रक्रिया का कंप्यूटर-अनुरूपित अहसास। वीनर प्रक्रिया को व्यापक रूप से संभाव्यता सिद्धांत में सबसे अधिक अध्ययन और केंद्रीय स्टोकास्टिक प्रक्रिया माना जाता है। 
संभाव्यता सिद्धांत और संबंधित क्षेत्रों में, एक स्टोकास्टिक या यादृच्छिक प्रक्रिया एक गणितीय वस्तु है जिसे आम तौर पर यादृच्छिक चर के संग्रह के रूप में परिभाषित किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से, यादृच्छिक चर संख्याओं के एक सेट द्वारा अनुक्रमित या अनुक्रमित होते थे, आमतौर पर समय के रूप में देखा जाता है, जो कुछ समय के साथ यादृच्छिक रूप से बदलते समय एक प्रणाली के संख्यात्मक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए एक स्टोकास्टिक प्रक्रिया की व्याख्या देते हैं, जैसे जीवाणु आबादी के विकास, थर्मल शोर, या गैस अणु के आंदोलन के कारण विद्युत प्रवाह में उतार चढ़ाव। [1] [4] [5] स्टोकास्टिक प्रक्रियाओं का व्यापक रूप से सिस्टम और घटनाओं के गणितीय मॉडल के रूप में उपयोग किया जाता है जो एक यादृच्छिक तरीके से भिन्न होते हैं। उनके पास जीवविज्ञान, [6] रसायन विज्ञान, [7] पारिस्थितिकी, [8] तंत्रिका विज्ञान, [9] और भौतिकी [10] के साथ-साथ प्रौद्योगिकी प्रसंस्करण, सिग्नल प्रोसेसिंग जैसे प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों सहित कई विषयों में अनुप्रयोग हैं। [11] सूचना सिद्धांत, [12] कंप्यूटर विज्ञान, [13] क्रिप्टोग्राफी [14] और दूरसंचार। [15] इसके अलावा, वित्तीय बाजारों में प्रतीत होता है कि यादृच्छिक परिवर्तन वित्त में स्टोकास्टिक प्रक्रियाओं के व्यापक उपयोग को प्रेरित करते हैं। 





Friday, May 11, 2018

Rs11 | Amazon offer | Learning How to Fly: Life Lessons for the Youth Book By Dr A.P.J. Abdul Kalam


Dr A.P.J. Abdul Kalam had a great belief in the power of the youth. He met over 21 million children and young people in India and outside and spoke to them about the power of knowledge, ambition, moral behaviour and the need to bring about change in society. He travelled to almost every corner of the country meeting the youth in schools, universities and institutions and interacted with them like a committed teacher.

In Learning How to Fly some of his nearly 2,000 lectures have been compiled. These lectures were addressed to teachers and students in school and beyond. In each one of them he has spoken about preparing oneself best for life, to identify and overcome challenges and how to bring out the best within each individual. Through stories from his own life, those of his teachers and mentors as well as stories of some of the greatest men and women of the world, and the latest developments in science and technology, he shows us the importance of dreams and the hard work needed to turn those dreams into reality.

Filled with warmth, inspiration and a positive attitude, Learning How to Fly is essential reading for every Indian, young and old.

Sunday, April 15, 2018